Dec 18, 2021
Bettings. Telling about face from horoscope
Dec 17, 2021
One more betting. That is always correct. Applied on many horoscopes..
Dec 14, 2021
मुझे यह कह कर कुंडली देखने के लिये ना बोले के मैं पेज को सालों से फ़ॉलो कर रहा हूँ, पेज को फ़ॉलो अपनेमतलब के लिए मेरे दुश्मन और मुझसे जलने वाले भी कर रहे हैं, अगर आपने निरंतर post को लाइक comment share किया तो ही 🙏
Dec 13, 2021
Another kundli seen with betting
Dec 13, 2021
One more kundli seen and name predicted..
Dec 13, 2021
Betting will help us to check any horoscope. Like in this example the horoscope of wife was more dominant.
Dec 11, 2021
Gochar predictions and how to look for answers from prashn kundli??? Yaha sabhi #astrologer hain Kya koi bta sakta hai ke kaunse yog dekhke maine yeh baate kahi.. comment kare...👇👇👇
Dec 09, 2021
Kundli vishleshan
Dec 08, 2021
Ek aur kundli dekhi gai
Dec 08, 2021
प्रभु जी कुंडली उसकी ही देखी जाती है जो काफी समय से पोस्ट को like करता हो। हम पैसे के नही प्यार के भूखे हैं।
Dec 08, 2021
Ek और kundli dekhi gai aur upay bataye gae
Dec 08, 2021
Ek aur kundli dekhi gai aur upay bataye gae
Dec 07, 2021
एक और kundli charcha
Dec 07, 2021
Kundli dekhi gai एक aur
Dec 05, 2021
आज एक और बहन की कुंडली देखी और उपाय बताये
Nov 27, 2021
शंकर कहूँ या शिव कहूँ क्या फर्क़ पड़ता है,
मुर्ख इंसान भावों को समझ क्यूँ शब्दों पीछे लड़ता है।
✍GRS
Nov 23, 2021
Aaj yeh kundli dekhi gai. Inko health issues hain.
Inko kaafi upay बताय gae.
Aap bhi kuch bta sakte hai.. agr apke zehan me kuch hai
Nov 22, 2021
Ej yeh bhi kundli dekhi gai...
इन्हें बहुत सारे उपाय के साथ एक बेहतरीन उपाय बताया गया जो आप लोगों से साँझा करता हूँ।
इन्हें शिव मंदिर की सफाई के बारे मे कहा गया। पूजा नहीं सफाई जब मंदिर close होने वाला हो सभी पूजा कर के चले गये हों तो यह शिवलिंग की सफाई करे और हर चीज़ organise करे।
जय शंकर 🙏
Nov 20, 2021
Teesri kundli dekgi gai
Nov 20, 2021
Dusri kundli pr vichaar...
Nov 19, 2021
जो लोग काफी देर से पोस्ट्स like कर रहें है केवल उनकी ही कुंडली देखना चाहता हूँ। नाम DOB, TOB,POB परेशानी नीचे लिखे🙏
Nov 19, 2021
ज्योतिष एक आईना है जीवन जीने का माईना है, ना बदल पाओगे तक़दीर ना तस्वीर चाहे करना 100 बार कुंडली का मुआईना है।
✍GRS
Nov 18, 2021
दूसरों के गृह ठीक कर दोगे क्यूँ इतना तुम्हें अहंकार है,
ज़रा अपनी कुंडली तो देख लो खाने पड़े सब बीमार हैं।
Nov 18, 2021
कुंडली के हिसाब से किसी की जिंदगी ना आंका करो,
ज़रा सा उसकी नीयत तबीयत और कर्मों को भी झांका करो।
✍GRS
Sep 23, 2021
किस्मत बदलनी है तो कुंडली नहीं आसमाँ के सितारों को देखा कर जरूर, हिम्मत मुट्ठी में positivity दिल में और negativity रखा कर दूर
RS
Sep 13, 2021
एक समय पर जन्म लेने वाले जातकों की कुंडली तो एक सी हो सकती है परंतु उनका भाग्य नही क्यूंकि याद रहे हमारे माता पिता भाई बंधु की कुंडली का असर भी हमारी कुंडली पर पड़ता है।
✍Er. Rohit Sharma
Aug 12, 2021
जो खुशी उस ईश्वर ने दी उसको दोगुनी कर दो, अपनी कुंडली का अच्छा ग्रह और उसने क्या दिया नीचे कॉमेंट में भर दो 👇👇👇
Aug 10, 2021
ज्योतिष एक अनुमान है, पर भारत की शान है,
लोग यहाँ पर मेहनत से अधिक किस्मत पर पलते है,
खुशी खुद की कम पर दूसरों की तरक्की से खुब जलते है,
मंदिर अनेको फिर भी बना हर इंसान एक शैतान है,
ज्योतिष एक अनुमान है पर भारत की शान है।
लूटा यहाँ पर हर किसी ने अपना बनकर,
रास्ते में बिछाये अनेको कंकर,
जीता हूँ में देख के वो शंकर,
ज़हर पी गया कितना महान है,
ज्योतिष एक अनुमान है, पर भारत की शान है।
अमीर बात ताजमहल बनाने की करते है,
गरीब बेचारे फुटपाथ पर मरते है,
राणा प्रताप शिवाजी को भूल गये,
हीरो इनका शाहरुख सलमान है,
ज्योतिष एक अनुमान है, पर भारत की शान है।
बच्चों से भारी स्कूल बैग होते जा रहे है,
शख्सियतें बड़ी और रिश्ते छोटे होते जा रहे है,
विदेशों से प्रभावित और अपनी संस्कृति खोते जा रहे है,
100 में से 99 बेईमान है
ज्योतिष एक अनुमान है, पर भारत की शान है।
ज्योतिषी दूसरों को कहते हैं हर मुश्किल का हल है,
पर खुद इनको ना पता क्या होना इनके साथ अगले पल है,
बस अब दुख और नही yes I can change छल है,
ना जाने क्यूँ भगवान बन बैठा इंसान है,
ज्योतिष एक अनुमान है, पर भारत की शान है।
दुध दही घी खालिस का ना कहीं नाम है,
नूडल्स बर्गर मोमोस हर गली मिलते आम है,
खुशी और ग़म में बस छलकते जाम है,
फिर भी हर किसी की जुबां पर राम है,
ज्योतिष एक अनुमान है, पर भारत की शान है।
✍Er. Rohit Sharma
Jul 22, 2021
खुद मियाँ फ़ज़ीहत लोगों को नसीहत:
धर्म परिवर्तन से दूसरों का सूरज मंदा बताता है। खुद अपने धर्म की बात वहम पाखंड कुंडली को ना मान के मज़ाक़ उड़ाता है, क्या अब इसका सूरज मंदा ना कहलाता है।
Jul 18, 2021
लड़ाई मुल्ल दी लैनी; गल्ल मूँह ते कहनी; अक्सर कम्म सूरज छे वाले दा, नानके भावे तरक़्क़ी कर लैन पर कम नही सेट हुँदा एहदे साले दा।
✍️Er. Rohit Sharma
Jul 15, 2021
कुंडली में कोई भी गृह किसी भी खाने में बैठा ख़राब नही होता जब तक अपने कर्मों से ख़राब ना किया जाये।
Jun 09, 2021
N1 [रोगा] -
उत्तर के इस पहले दरवाजे को N1 या रोगा के नाम से जाना जाता है। ऐसे घरों में रहने वाले लोगों को दूसरे लोगों के बुरे इरादों से नुकसान होता है। यह निवासियों के मन में अनावश्यक भय पैदा करता है। यह लोगों (विशेषकर महिलाओं) को घर से बाहर रखता है और विदेशी दौरों के अवसर भी प्रदान करता है।
N2 [नागा] -
इससे शत्रुओं की संख्या में वृद्धि होती है और उनसे लगातार भय बना रहता है। यह लोगों का पीछा करने की प्रवृत्ति पैदा करता है। नागा प्रवेश द्वार भी निवासियों में यह भावना पैदा करता है कि दूसरे उनसे ईर्ष्या करते हैं।
N3 [मुख्य] -
यह अविश्वसनीय रूप से शुभ और लाभप्रद प्रवेश द्वार है जो अपने निवासियों के लिए प्रचुर मात्रा में धन, समृद्धि और अद्भुत वृद्धि लाता है। ऐसे घर में रहने वालों को अधिक संतान की प्राप्ति होती है।
N4 [भल्लत] -
इस शुभ प्रवेश द्वार को भल्लाट के नाम से भी जाना जाता है। यह एक सकारात्मक प्रवेश द्वार है और यह विरासत में मिली संपत्ति, धन और समृद्धि की प्रचुरता सुनिश्चित करता है। यह धन के नए दरवाजे और अवसर खोलता है।
N5 [सोमा] -
ऐसे घरों में रहने वाले लोग अधिक धार्मिक और शांत स्वभाव के होते हैं। मुख्य द्वार के निर्माण के लिए सोमपद एक अच्छा विकल्प माना जाता है।
N6 [भुजंग] -
यहां रहने वाले निवासियों के व्यवहार के कारण आमतौर पर लोग इसे अस्वीकृत कर देते हैं और उनकी बात सुनने से बचते हैं। यह पद पुत्र से विरोध और कलह का कारण बनता है।
N7 [अदिति] -
अदिति नाम का यह पाद घर की महिलाओं के लिए विशेष रूप से हानिकारक होता है। यहां रहने वाली लड़कियां परिवार की पारंपरिक मान्यताओं को धता बताती हैं। उदाहरण के लिए, इसका परिणाम लिव-इन रिलेशनशिप और इंटर कास्ट मैरिज में होता है।
N8 [दिति] -
यह एक सकारात्मक प्रवेश है क्योंकि यह एक उच्च बैंक बैलेंस देता है और बचत बढ़ाता है। हालाँकि, N3, N4 और N5 उत्तर दिशा में सबसे अनुकूल प्रवेश द्वार हैं।
May 18, 2021
तोते की तरह रटी रटाई क्यूँ बैटिंग बोलते जाते हो, अर्रे मेरे ज्योतिष भाई किसी की डिटेल में कुंडली भी देख लो क्यूँ हराम का तुम खाते हो।
May 18, 2021
कोई भी 200 रुपया ले के तुम्हारी कुंडली देख लेगा, पर याद रखना मेरे जैसा कोई ही होगा जो लगा रेख में मेख देगा।
✍️Er. Rohit Sharma
May 08, 2021
हमारे पेज में Radhey krishna जी नाम से एक ज्ञानी जन है, आप चाहे तो उनकी फ़ीस पूछकर उनसे भी कुंडली दिखवा सकते है। मैंने अभी अभी उनके कुछ msg देखे तभी कहा।🙏
May 06, 2021
मैं शेर हूँ हाँ सच में शेर हूँ। अपना खाता हूँ, मेहनत का कमाता हूँ, किसी की ग़लत कुंडली देख और उपाय करवा झूठी बोटियाँ नहीं उठाता हूँ।
✍️Er. Rohit Sharma
Apr 23, 2021
लगभग सभी के घरों में इतना दूध तो होता है कि 5-6 मेहमान आ जाएं तो चाय बन जाए, किंतु यदि अचानक से 50-60 मेहमान आ जाए तो इतना दूध तो कोई नहीं रखता।
तब क्या आप यह बोलेंगे कि घर गरीब है, दूध की व्यवस्था भी नहीं रखता, इसका प्रबंधन फेल है।
यही हाल अस्पताल, ऑक्सीजन और दवाओं का है ।
सब पर्याप्त मात्रा में थी, लेकिन अचानक अपेक्षा से कई गुना ज्यादा लोग गंभीर हो गए ।
बड़ी बात यह है कि चिकित्साकर्मियों, सरकार, ब्यूरोक्रेट्स, जन-प्रतिनिधियों ने 3-4 दिनों में स्थितियों को नियंत्रित कर लिया है ।
जिन्हें लगता है कोई कुछ नहीं कर रहा, वो सिर्फ 24 घण्टे उनके साथ रहकर देखें, जो सेवा में सतत् लगे हैं ।
स्मरण रहे, यह परिस्थिति बिल्कुल अलग है, वायरस नियमित म्यूटेंट हो रहा है । कारण भी हम सभी स्वयं हैं । जब यह इतना प्रभावी नहीं था तब घूम घूम कर धूम मचा रहे थे अब बचाओ बचाओ चिल्ला रहे हैं क्यों ??
कब क्या होगा, इसका अंदाजा विश्वभर के वैज्ञानिक भी नहीं लगा पा रहे हैं ।
नागरिकों की जान बचाने के लिए केंद्र हो या राज्य सरकारें परिस्थितियों के अनुरूप सबसे अच्छा निर्णय ले रही हैं ।
व्यवस्था पर उंगली उठाने से बेहतर है, उसे ठीक करने में जो हमारी अपेक्षित भूमिका है, उनका निर्वहन करें ।
सकारात्मक रहें ।
सुरक्षित रहें ।
स्वस्थ रहें ।
🙏🏻🙏🏻 💐💐
Apr 13, 2021
💞💞🌿🌿🌿🌸🌸
*प्रथम महीना चैत से गिन*
*राम जनम का जिसमें दिन।।*
*द्वितीय माह आया वैशाख।*
*वैसाखी पंचनद की साख।।*
*ज्येष्ठ मास को जान तीसरा।*
*अब तो जाड़ा सबको बिसरा।।*
*चौथा मास आया आषाढ़।*
*नदियों में आती है बाढ़।।*
*पांचवें सावन घेरे बदरी।*
*झूला झूलो गाओ कजरी।।*
*भादौ मास को जानो छठा।*
*कृष्ण जन्म की सुन्दर छटा।।*
*मास सातवां लगा कुंआर।*
*दुर्गा पूजा की आई बहार।।*
*कार्तिक मास आठवां आए।*
*दीवाली के दीप जलाए।।*
*नवां महीना आया अगहन।*
*सीता बनीं राम की दुल्हन।।*
*पूस मास है क्रम में दस।*
*पीओ सब गन्ने का रस।।*
*ग्यारहवां मास माघ को गाओ।*
*समरसता का भाव जगाओ।।*
*मास बारहवां फाल्गुन आया।*
*साथ में होली के रंग लाया।।*
*बारह मास हुए अब पूरे।*
*छोड़ो न कोई काम अधूरे।।*
*हिन्दू नववर्ष की अग्रिम शुभकामनायें...👍🌹👨🎨🙏💐🙋♂️🍁*🚩🚩🚩🚩🚩
Apr 10, 2021
Vaastu Tip:
Living Room कुंडली का 5th house होता है, यह पर लाल रंग का art work / painting लगाने से family members के बीच में attachment बड़ती है।
✍️Er. Rohit Sharma
Apr 06, 2021
किस राशि के लिए कौन सा पेड़-पौधा
मेष और वृश्चिक- अनार का पेड़ लगाएं।
वृषभ और तुला राशि- नारियल, आम और पपीते के पेड़ लगाएं।
कर्क राशि- शरीफा, रसभरी या खिरनी के पेड़-पौधे लगाएं।
सिंह राशि- बेल का वृक्ष लगाएं।
कन्या और मिथुन राशि- संतरा, नींबू और मौसंबी के पेड़ लगाएं।
धनु या मीन राशि- केले या बरगद का पेड़ लगाएं।
मकर या कुंभ राशि- पीपल, चूकी या नीम का पेड़, काले अंगूर की बेल लगाएं।
Feb 19, 2021
जब पंडित जी ने हर ग्रह के हर खाने में शुभ फल भी बतायें हैं,
फिर ना जाने क्यू लोग अपनी कुंडली देख कर घबरायें हैं।
✍️Er. Rohit Sharma
Jan 23, 2021
ज्योतिष में नवमांश ज़रूर देखना चाहिये, एक राशी में 9 नवमांश और पुरी कुंडली में 12*9 108 होते है। और 108 का रहस्या आप जानते ही है प्रभु जी।
✍️Er. Rohit Sharma
Jan 21, 2021
धर्मी कुंडली तब तक ही चलती है जब तक इंसान धर्मी रहता है, इंसान के धर्महीन होते ही धर्मी कुंडली भी कर्मी कुंडली बन जाती है।
✍️Er. Rohit Sharma
Jan 07, 2021
कुंडली के सारे ग्रह शिव के हाथ में है, उसको कैसा डर #SHIV जिसके साथ में है।
बोलो जय #शंकर
Jan 02, 2021
Group गिदड़ा दे कदे ना चलदे भावे ईकठ 5/6 हज़ार कर लो,
इक्कों page शेर दा भावे लख़ा दा शिकार कर लो। रब राखा 😆🙏
Jan 02, 2021
*"कर्म और कर्मफल"*
राजा पृथु एक दिन सुबह-सुबह घोड़ों के तबेले में जा पहुँचे। तभी वहाँ एक साधु भिक्षा मांगने आ पहँचा। सुबह-सुबह साधु को भिक्षा मांगते देख पृथु क्रोध से भर उठे। उन्होंने साधु की निंदा करते हुये, बिना विचारे तबेले से घोड़े की लीद उठाई और उसके पात्र में डाल दी। साधु भी शांत स्वभाव का था, सो भिक्षा ले वहाँ से चला गया और वह लीद कुटिया के बाहर एक कोने में डाल दी।
कुछ समय उपरान्त राजा पृथु शिकार के लिये गये। पृथु ने जंगल में देखा कि, एक कुटिया के बाहर घोड़े की लीद का बड़ा सा ढेर लगा हुआ है। उन्होंने देखा कि, यहाँ तो न कोई तबेला है और न ही दूर-दूर तक कोई घोड़े दिखाई दे रहे हैं। वह आश्चर्यचकित हो कुटिया में गये और साधु से बोले, *"महाराज ! आप हमें एक बात बताइये, यहाँ कोई घोड़ा भी नहीं, न ही तबेला है, तो यह इतनी सारी घोड़े की लीद कहा से आई ?"*
साधु ने कहा, *" राजन् ! यह लीद मुझे एक राजा ने भिक्षा में दी है। अब समय आने पर यह लीद उसी को खानी पड़ेगी।"*
यह सुन राजा पृथु को पूरी घटना याद आ गई। वे साधु के पैरों में गिर क्षमा मांगने लगे। उन्होंने साधु से प्रश्न किया, *हमने तो थोड़ी-सी लीद दी थी, पर यह तो बहुत अधिक हो गई ?*
साधु ने कहा, *हम किसी को जो भी देते हैं, वह दिन-प्रतिदिन प्रफुल्लित होता जाता है और समय आने पर हमारे पास लौटकर आ जाता है, यह उसी का परिणाम है।*
यह सुनकर पृथु की आँखों में अश्रु भर आये। वे साधु से विनती कर बोले, *"महाराज ! मुझे क्षमा कर दीजिये। मैं आइन्दा ऐसी गलती कभी नहीं करूँगा। कृपया कोई ऐसा उपाय बता दीजिये, जिससे मैं अपने दुष्ट कर्मों का प्रायश्चित कर सकूँ।"* राजा की ऐसी दु:खमयी हालत देखकर साधु बोला, *"राजन् ! एक उपाय है। आपको कोई ऐसा कार्य करना है, जो देखने में तो गलत हो, पर वास्तव में गलत न हो।* जब लोग आपको गलत देखेंगे, तो आपकी निंदा करेंगे। जितने ज्यादा लोग आपकी निंदा करेंगे, आपका पाप उतना हल्का होता जायेगा। *आपका अपराध निंदा करने वालों के हिस्से में आ जायेगा।*
यह सुनकर राजा पृथु ने महल में आकर काफी सोच-विचार किया और अगले दिन सुबह से शराब की बोतल लेकर चौराहे पर बैठ गये। सुबह-सुबह राजा को इस हाल में देखकर सब लोग आपस में राजा की निंदा करने लगे कि, कैसा राजा है ? कितना निंदनीय कृत्य कर रहा है, क्या यह शोभनीय है ? आदि-आदि ! निंदा की परवाह किये बिना राजा पूरे दिन शराबियों की तरह अभिनय करते रहे। इस पूरे कृत्य के पश्चात जब राजा पृथु पुनः साधु के पास पहुँचे, तो लीद के ढेर के स्थान पर एक मुट्ठी लीद देख आश्चर्य से बोले, *"महाराज ! यह कैसे हुआ ? इतना बड़ा ढेर कहाँ गायब हो गया ?"*
साधू ने कहा, *"यह आपकी अनुचित निंदा के कारण हुआ है राजन् ! जिन-जिन लोगों ने आपकी अनुचित निंदा की है,, आपका पाप उन सबमें बराबर-बराबर बंट गया है।*
फिर राजा बोले, *" महाराज, फिर ये मुट्ठी भर बचा क्यूँ?? ये क्यूँ नहीं बंटा??"*
तो फिर ऋषि बोले, *"राजन, ये तुम्हारा कर्म है। जितना तुमने मेरे भिक्षा पात्र मे मेरे खाने के लिए दिए थे उतना तो तुम्हें खाना ही पड़ेगा। "*
कोई कितना भी उपाय, दान, पुण्य करले उसका कर्म दोष कट तो जाएगा पर उसका मूल नष्ट नहीं होगा... उतना तो भरना ही पड़ेगा..
जब हम किसी की बेवजह निंदा करते हैं, तो हमें उसके पाप का बोझ भी उठाना पड़ता है। तथा हमें अपने किये गये कर्मों का फल तो भुगतना ही पड़ता है। अब चाहे हँसकर भुगतें या रोकर। *हम जैसा देंगे, वैसा ही लौटकर वापिस आयेगा।*
*🙏🌹जय श्री हरि🌹🙏*
Jan 02, 2021
🙏🏻🌻 केवल भावना को, अपने विचार को पक्का करना है। सत्संग में जैसा भाव रहता है वैसा बाद में नहीं रहता, इस धारणा को हम सब को हटा देनी है। मन में कच्चाई नहीं लानी है। पक्के रहना हमारा काम है और सहायता भगवान से मांगनी है।
🙏🏻🌻 हम सब भगवान रूपी कल्पवृक्ष के नीचे हैं। अतः अगर दृढ़ रहेंगे कि सत्संग की बातें हमारे जीवन में स्थाई हो जाए तो वे जरूर हो जाएगी, इसमें कुछ भी संदेह नहीं है।
🙏🏻🌻 इस बात पर पक्के रहे कि सत्संग करते हैं, गीता जी पढ़ते हैं, गंगाजल लेते हैं, नाम जप करते हैं इन सब की विलक्षण महिमा है। अतः अब हमारा जरूर उध्दार होगा। पुनर्जन्म वापस नहीं होगा तो फिर वह वास्तव में नहीं होगा, यह पक्की बात है।
🙏🏻🌻 अगर हम महापुरुषों की बात पर विश्वास ना करके अपने कल्याण में संदेह करेंगे तथा वापस जन्म का निमंत्रण देंगे तो फिर आना ही पड़ेगा।
🙏🏻🌻 यह तन कर फल विषय न भाई
मनुष्य योनि, भोग योनि नहीं है।अगर हमने इस विलक्षण कृपामयी मानव शरीर को केवल भोगों में सुख लेने में ही लगा दिया तो हमें वापस भोग योनी यानी कुत्ता, गधा, वृक्ष आदि योनि मिलेगी अतः सावधान होना अत्यंत आवश्यक है नहीं तो भयंकर दु:ख पाना पड़ेगा।
🙏🏻🌻 जान जान कर पाप, अत्याचार एवं शास्त्र विरुद्ध कर्म करने से प्रकृति कुपित होती है, भगवान स्वयं नाराज होते हैं। भयंकर बीमारियां एवं अन्य प्रकोप धरा धाम पर होने लगते हैं अतः समय रहते भगवान के भजन में लग जाना चाहिए।
◆ प्रत्यक्ष बात है संसार का चिंतन करने से आफत एवं भगवान की तरफ चलने से ही आनंद है। अतः भगवान को अपना मान कर उनके नाम जप में, सत्संग में, गीता जी में अपने सारे समय को लगा देना चाहिए। विलक्षण अवसर हम सबको मिला हुआ है।
🙏🏻नारायण नारायण🙏🏻
Dec 31, 2020
नमक और चीनी का रंग एक सा होता है पर तासीर बदल जाती है,
ज़रा से योग द्रिश्टी स्वभाव से ग्रहो के फलादेश की तस्वीर बदल जाति है।
✍️रोहित शर्मा🇦🇺🇦🇺🇦🇺🙏
Dec 25, 2020
Fill in the blank-👇👇👇
____ 7 में हो तो पत्नी की टांग पे तिल होने की सम्भावना होती है।
👇👇👇
Dec 20, 2020
एक व्यक्ति प्यास से बेचैन भटक रहा था. उसे गंगाजी दिखाई पड़ी. पानी पीने के लिए नदी की ओर तेजी से भागा लेकिन नदी तट पर पहुंचने से पहले ही बेहोश होकर गिर गया।
थोड़ी देर बाद वहां एक संन्यासी पहुंचे. उन्होंने उसके मुंह पर पानी का छींटा मारा तो वह होश में आया. व्यक्ति ने उनके चरण छू लिए और अपने प्राण बचाने के लिए धन्यवाद करने लगा।
संन्यासी ने कहा- बचाने वाला तो भगवान है. मुझमें इतना सामर्थ्य कहां है ? मैं तो सिर्फ बचाने का माध्यम बन गया।
इसके बाद संन्यासी चलने को हुए तो व्यक्ति ने कहा कि मैं भी आपके साथ चलूंगा.
संन्यासी ने कहा मुझे तो खुद पता ही नहीं कि कहां जा रहा हूं। संन्यासी ने समझाया कि उसकी कोई मंजिल नहीं है लेकिन वह अड़ा रहा और साथ चल पड़ा।
कुछ समय बाद व्यक्ति ने कहा- मन तो कहता है कि आपके साथ ही चलता रहूं लेकिन कुछ ज़िम्मेदारी है, आपकी ही तरह भक्तिभाव और तप की इच्छा है पर विवश हूं।
संन्यासी के पूछने पर उसने अपने गले का टंटा बताना शुरू किया. घर में कोई स्त्री और बच्चा नहीं है. एक पैतृक मकान है उसमें पानी का कूप लगा है।
छोटा बागीचा भी है. घर से जाता हूं तो वह सूखने लगता है. पौधों का जीवन कैसे नष्ट करूं. बैल भूखे रहते हैं. बेजुबान जानवर है उसे कष्ट दूं। बहुत से संगी-साथी हैं जो मेरे नहीं होने से उदास होते हैं।
दादा-परदादा ने कुछ लेन-देन कर रखा था. उसकी वसूली भी देखनी है. बाहर जाता हूं तो मन उधर खिंचा रहता है. अपने नगर में समय आनंदमय बीत जाता है. लेकिन मैं आपकी तरह संन्यासी बनना चाहता हूं. राह दिखाएं।
संन्यासी मुस्कराने लगे - जो तुम कर रहे हो वह जरूरी है. तुम संन्यास की बात मत सोचो. अपना काम करते रहो।
चलते-चलते उसका नगर आ गया. उसे घर को देखने की इच्छा हुई. उसने संन्यासी से बड़ी विनती की- महाराज मेरे घर चलें. कम से कम 15 दिन हम घर पर रूकते हैं. सब निपटाकर फिर मैं आपके साथ निकल जाउंगा।
उसकी जिद पर संन्यासी रूक गए और उसे बारीकी से देखने लगे।
सोलहवें दिन अपना सामान समेटा और निकलने के लिए तैयार हो गए. व्यक्ति ने कहा-महाराज अभी थोड़ा काम रहता है. पेड़-पौधों का इंतजाम कर दूं. बस कुछ दिन और रूक जाएं निपटाकर चलता हूं।
संन्यासी ने कहा- तुम हृदय से अच्छे हो लेकिन मेरे साथ चलने से तुम्हारा कल्याण नहीं हो सकता.
उसने कहा- कोई है ही नहीं तो फिर किसके लिए लोभ-मोह करूं।
संन्यासी बोले- समाज को परिवार समझ लो, उसकी सेवा को भक्ति. ईश्वर को प्रतिदिन सब कुछ अर्पित कर देना. तुम्हारा कल्याण हो इसी में हो जाएगा.
वह व्यक्ति उनको कुछ दूर तक छोड़ने आया. विदा होते-होते उसने कहा कि कोई एक उपदेश तो दे दीजिए जो मेरा जीवन बदल दे।
संन्यासी बोले- सत्य का साथ देना, धन का मोह न करना.
कुछ साल बाद वह संन्यासी फिर वहां आए. उस व्यक्ति की काफी प्रसिद्धि हो चुकी थी. सभी उसे पक्का और सच्चा मानते थे. लोग उससे परामर्श लेते. छोटे-मोटे विवाद में वह फैसला देता तो सब मानते. उसका चेहरा बताता था कि संतुष्ट और प्रसन्न है।
संन्यासी कई दिन तक वहां ठहरे. फिर एक दिन अचानक तैयार हो गए चलने को।
उस व्यक्ति ने कहा- आप इतनी जल्दी क्यों जाने लगे. आपने तो पूछा भी नहीं कि मैं आपके उपदेश के अनुसार आचरण कर रहा हूं कि नहीं।
संन्यासी ने कहा- मैंने तुम्हें कोई उपदेश दिया ही कहां था ? पिछली बार मैंने देखा कि तुम्हारे अंदर निर्जीवों तक के लिए दया है लेकिन धन का मोह बाधा कर रहा था. वह मोह तुम्हें असत्य की ओर ले जाता था हालांकि तुम्हें ग्लानि भी होती थी।
तुम्हारा हृदय तो सन्यास के लिए ऊर्वर था. बीज पहले से ही पड़े थे, मैंने तो बस बीजों में लग रही घुन के बारे में बता दिया. तुमने घुन हटा दी और फिर चमत्कार हो गया. संन्यास संसार को छोड़कर ही नहीं प्राप्त होता. अवगुणों का त्याग भी संन्यास है।
हम सब में उस व्यक्ति की तरह सदगुण हैं. जरूरत है उन्हें निखारने की. निखारने वाले की. अपने काम करने के तरीके में थोड़ा बदलाव करके आप चमत्कार कर सकते हैं।
एक बदलाव आजमाइए- हर किसी से प्रेम से बोलें. उनसे ज्यादा मीठा बोलेंगे जिन पर आपका शासन है. आपमें जो मधुरता आ जाएगी वह जीवन बदल देगी कम से कम इसे आजमाकर देखिए।
जय बाबा विश्वनाथ ॐ नमः पार्वती पतये हर हर महादेव जय काशी कोतवाल काल भैरव 🔱❤️⏳
Dec 20, 2020
◆ महापुरुषों के सत्संग में रहना जहाज में बैठना है।
"बिनही प्रयास होय भवभगां"।
भव सागर अत्यंत सरलता से पार हो सकते हैं । तत्वज्ञ, जीवनमुक्त महापुरुषों की वाणी सुनने को मिल जाए तो समझना चाहिए विलक्षण खजाना मिल गया, उसे सुनकर साधक स्वयं तृप्त हो जाता है एवं दूसरों को भी तृप्त कर देता है। महाराज जी के चरणों में हम सबका कोटि-कोटि प्रणाम।
🙏🏻🌻 परम पूजनीय सेठ जी फरमाते हैं -
"नित्य सत्संग करने वालों की मुक्ति में शंका नहीं है। यदि किसी ने नित्य सत्संग करने के लिए आज ही नियम लिया है और वे यदि आज ही रात्रि में मर गया तो भी उसका उद्धार हो जाएगा।"
🙏🏻🌻 जैसे कल्प वृक्ष के नीचे जाने से सब काम सिद्ध होते हैं, वैसे ही सत्संग करने से सब काम सिद्ध हो जाते हैं।भगवान ने सत्संग दे दिया तो समझो भगवान के खजाने की सबसे सर्वश्रेष्ठ चीज हमको मिल गई।
🙏🏻🌻 स्वामी जी महाराज के उद्गार -
"मेरे को जितना लाभ सत्संग से हुआ है उतना किसी साधन से नहीं हुआ। अच्छे संग में रहने से बड़ा भारी लाभ होता है। जिसकी कोई सीमा नहीं। जिस सत्संग से अपने हृदय की गांठ खुलती है ऐसा सत्संग छोड़ो मत। सब कुछ मिल जाता है पर *"संत समागम दुर्लभ भाई"*।"
🙏🏻🌻 हमारे केवल महापुरुषों का ही अवलंबन है, उनकी वाणी, उनके उपदेश, उनकी करुणा में स्वाभाविक ही जीव का कल्याण होता है। भगवान के खजाने में सबसे मूल्यवान संत महात्मा है उनका सत्संग मिलना भगवान की विशेष कृपा समझनी चाहिए।
🙏🏻🌻 मनुष्य भगवान की कृपा को समझ नहीं सकता, बाद में जब होश आता है कि हमने कोई विशेष पुरुषार्थ भी नहीं किया, कोई विशेष लगन भी नहीं थी परंतु भगवान अपने में लगाने के लिए विशेष कृपा करके ऐसा संयोग बैठा दिया है एवं हमें बहुत ही विलक्षण सत्संग प्रदान कर दी है।
🙏🏻🌻 भगवान एवं उनके भक्त जीव मात्र की मां है, यह सबका कल्याण चाहते हैं। अतः भक्त सबको प्यारा लगता है, भक्तों का कोई अहित करता है तो भी वह उसका हित चाहते हैं। उनका हृदय अत्यंत महान होता है उनमें स्वार्थ एवं अभिमान की गंध तक नहीं होती है।
◆ भगवान एवं महापुरुषों की कृपा के बारे में जितना लिखे उतना ही बहुत कम है, उन्होंने हमें अपना लिया है। अतः बचे हुए समय को नाम जप,सत्संग, परहित एवं *साधक संजीवनी* जैसे महान ग्रंथ की चर्चा में लगाने का भरसक प्रयास करना चाहिए।
🙏🏻नारायण नारायण🙏🏻
Dec 11, 2020
मुझे सुख-आराम मिले‒यह जड़ता है । दूसरेको सुख-आराम मिले‒यह चिन्मयता है ।
बड़ा वह है, जो दूसरोंको बड़ा बनाता है । जो दूसरोंको छोटा बनाता है, वह गुलाम है ।
गायको सूई लगाकर दूध लेना उसका रक्त लेनेकी तरह है । आजकल गर्भपात‒जैसे भयंकर महापाप हो रहे हैं । ये बातें सुननेकी अपेक्षा तो मर जाना अच्छा है !
सत्संग करनेसे संसारका काम बढ़िया होता है । बाहरसे साधु बननेकी आवश्यकता नहीं है । भगवान् भावग्राही हैं । स्वार्थका, लेनेका भाव ही पतन करनेवाली चीज है । चाहे साधु हो या गृहस्थ, लेनेकी इच्छा ही पतन करनेवाली है । भोग तथा संग्रहकी इच्छा ही बाधक है । यदि बाहरसे वस्तु-व्यक्तियोंके त्यागसे कल्याण होता हो तो मरनेवाले सबका कल्याण होना चाहिये ।
लेना-ही-लेना पशुओंका, देना-ही-देना भगवान्का और लेना-देना मनुष्योंका होता है । भगवान् और उनके भक्त देते-ही-देते हैं । जो लेना बन्द करके देना शुरू कर दे, वह साधक होता है ।
समर्थ वह है, जो दूसरोंकी असमर्थता दूर करके उन्हें समर्थ बनाये । दूसरोंको असमर्थ बनानेवाला समर्थ नहीं होता ।
सन्तोष काम, क्रोध और लोभ‒तीनोंको नष्ट करता है ।
क्रिया और पदार्थसे सम्बन्ध-रहित होना ही मुक्ति है । संसार ‘मैं’ से पैदा होता है । ‘मैं’ प्रकृतिका है और ‘हूँ’ परमात्माका है । मैं-मेरा ही माया है, जो जीवकृत है । इस जीवकृत सृष्टिसे ही बन्धन होता है । ‘मैं’ न रहे तो ‘है’‒तत्त्व रहेगा, ‘हूँ’ नहीं रहेगा । संसारमें ‘है’ नहीं है, प्रत्युत ‘है’ में संसार है । इस ‘है’ में स्थित हो जायँ । ‘है’ में स्थिति ही मुक्ति है ।
वस्तुके बाद ‘है’ नहीं है, प्रत्युत ‘है’ के बाद वस्तु है ।
☼ ☼ ☼ ☼
श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज*
_(‘सागरके मोती’ पुस्तकसे)_
Dec 10, 2020
◆ "कृपा ही केवलम,
महापुरुष एवं भगवान दोनों के समान हमारा कोई परम हित करने वाला नहीं है। वे निरंतर प्रति क्षण हमारे पर कृपा बरसाते रहते हैं, चाहे हम समझे या न समझे। महाराज श्री के चरणों में हम सब का करोड़ों बार बारंबार प्रणाम।
🙏🏻🌻 हर क्षण भगवान से उनका प्रेम मांगे - "हे नाथ! हे मेरे नाथ! सब कर मागंऊ एक फल, राम चरण रति होय"।
"मेरा आपके श्री चरणों में अत्यंत अनुराग हो जाय, मुझे और कुछ नहीं चाहिए, एक क्षण के लिए भी आपकी विस्मृति नहीं होवे। हे नाथ! हे मेरे नाथ! ऐसी मुझ पर अब आप कृपा करो।"
🙏🏻🌻 भगवान की लीला कि, उनके संबंध की अचानक जब याद आती है उस समय भगवान स्वयं भक्त को याद करते हैं। उस समय सारे अन्य काम छोड़कर उनकी याद में डूब जाना चाहिए,उसी क्षण जीवन रस से तरा-तर हो जायेगा।
🙏🏻🌻 नाम लेते लेते नींद आ जाती है या दूसरा चिंतन होने पर अचानक भगवान चेताते हैं,यह उनकी विशेष कृपा है। साधक को साधन में भी सुख या शांति का भोग नहीं करना चाहिए परंतु केवल उनकी कृपा की तरफ ही देखते रहना चाहिए। वह कृपामय है।
"प्रभु मूर्ति कृपामयी है।"
🙏🏻🌻 भगवान के देने का तरीका बहुत ही विलक्षण है, वह इतना देते हैं जिसका कोई पार नहीं पर विशेष बात है कि कभी भी अपने आप को जनाते नहीं, पता ही नहीं पड़ने देते। मनुष्य अपना पुरुषार्थ ही समझता है। क्या उनकी विलक्षण देने का भाव है!
🙏🏻🌻 भगवान की प्रत्येक घटना में केवल कृपा ही छिपी हुई है। प्रतिकूल से प्रतिकूल परिस्थिति में भी भगवान की विशेष कृपा रहती है। वह साधक को संयोगजन्य नाशवान सुखों से उठाकर उस विलक्षण प्रेम से अभिन्न करना चाहते हैं,उनकी कृपा को हम समझ नहीं पाते।
◆ "जासु कृपा नहिं कृपा अघाती"।
"हे नाथ! मुझ पर ऐसी कृपा करो कि आपकी कृपा के सिवाय कुछ दिखे ही नहीं।आप मेरे हैं, मैं केवल आपका हूँ। आपके चरणों का निर्मल प्रेम प्रदान करो नाथ! मैं आपको बारंबार प्रणाम करता हूं।"
🙏🏻नारायण नारायण🙏🏻
Dec 10, 2020
।। कृपा मात्र केवलम् ।।
बहुत काल पहले एक सिद्ध महिला िशव भक्त थी ' अमय्यार ' वह अपनी तपश्चर्या के बल पर चमत्कृत कर देती थी । उसके पति ने उसकी परीक्षा ली , जब उसके पति को लगा यह तो सिद्ध महिला है । वह प्रभावित तो अवश्य हुआ पर उसने कहा मुझे तो साधारण गृहिणी चाहिये न कि सिद्ध योगिनि। उसने अपनी पत्नी को शिव पूजा व सिद्धि को त्यागने के लिये कहा ।
तब अमय्यार ने सब कुछ त्याग पूर्ण कालिक शिव भक्ति मे लीन हो गयी और शिव पार्वती दर्शन पर जब वर माँगने को कहा गया तब वह बोली - कृपा ,
' कृपा मात्र केवलम् '
।। महादेव ।।
Dec 01, 2020
आज के बाद दोस्तों मैं ना बात कुंडली की करूँगा,
कभी अपने कर्मों से तो कभी उस रब से मैं डरुंगा।
Er. Rohit sharma
Nov 19, 2020
लग्नेश 1-5-7-9
1 ओर 1 कभी ग्यारा होते है,
कभी दो होते है, कभी एक ही होते है तो कभी सिफ़र होते है, पर जो भी हो ऐसे एक के लाखों में ज़िक्र होते है।
✍️Er. ROHIT SHARMA
Oct 18, 2020
Kundli discussions -
Question 1- Beta hoga ?
Oct 05, 2020
स्वभाव से गर्म हूँ दिल से नरम हूँ,
नेक नीयत का हूँ, फ़क़ीराना तबियत का हूँ।
✍️Er. Rohit Sharma
Oct 01, 2020
संगीत दिल के लिए तूने बहुत सुना होगा आज दिमाग़ी खाना के लिए सुन,
जो ग्रह कुंडली में ख़राब है उसका track चुन ।
✍️Er. Rohit Sharma
Sep 30, 2020
आज भारत विश्व की Diabetes Capital के रूप में नवाजा जा चुका है Current आंकड़ो के हिसाब से करीब 8 करोड़ लोग इस से पीड़ित है, अगर इसमें वो संख्या भी जोड़ दी जाए जिन्होंने आज तक कभी Sugar Test नहीं कराया पर उनमें लक्षण नजर आ रहे हैं, तो यह आंकड़ा 11 करोड़ से भी ऊपर जाने की सम्भावना है यानी करीब हर दसवा भारतीय इस बीमारी की ज़द्द में आ चुका है ।
यह बिमारी एक धीमा जहर है जो की मूलतः गलत खान पान और गलत जीवन शैली से संबधित है जिस से हमारे शरीर का पंचतत्व imbalance हो जाता है और मैं आज इसी पंचतत्व आधारित विज्ञानं “वास्तु” के हिसाब से Diabetes/ मधुमेह के कुछ कारणों को बताने का प्रयास करूंगा ।
वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर घर के SW /दक्षिण-पश्चिम या नैऋत्य कोण imbalance हो या वहां कोई Anti Element Establish हो या घर के हिस्से में बोरिंग या फिर भूमिगत पानी के लिए स्थान दिया गया हो या फिर, इस हिस्से में कोई हरियाली से भरा बगीचा या छोटे-छोटे पौधे हो या फिर, घर का यह हिस्सा घर के बाकि हिस्सों से बड़ा हो या फिर, घर के बाकि हिस्सों से बहुत छोटा या बिलकुल ही सिकुड़ा/ कटा हुआ हो या फिर, यह हिस्सा घर के बाकि हिस्सों से नीचा हो या फिर, घर के इस हिस्से में पानी की निकासी के लिए Septic Tank बना हो और इस पर भी सोने पे सुहागा अगर साथ में घर के मर्म स्थान/ ब्रह्म स्थान में कालम, बीम, लोहे का Structure या StairsCase हो तो यकीन जाने बिना शक Diabetes आपके द्वार खटखटा रही है ।
इस लिए उपरोक्त में से एक से अधिक लक्ष्ण आप अपने घर में पाते है तो भी घबराने वाली बात नहीं है इन वास्तु लक्षणों का निवारण आप बड़े ही सहज तरीके से अपने जान पहचान के किसी भी अच्छे वास्तुविद्ध से मंत्रणा कर उसकी बातो को समझ कर पा सकते है और ईश्वर ने चाहा तो मात्र उनका मश्वरा मानने के बाद आप मधुमेह/Sugar जैसी दिक्कतों से मुक्ति पा जायंगे और वास्तुदेव प्रसन्न हो आप को शीघ्र-अतिशीघ्र शुभ/अनुकूल फल देने लगेंगे, आप सब साथ जुड़े बंधुओ को नव ग्रहों व् दसो दिशाओ से शान्ति सुख समृद्धि सफलता प्राप्त हो, नव ग्रह व् वास्तुदेव की कृपा आप और हम सब पर बनी रहे व् आप सभी सदेव स्वस्थ रहे-संपन्न रहे इसी कामना के साथ, ॐ-शान्ति - विमल पाहुजा, रोल्स.
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+91 85248 00000
Vᴀᴀsᴛᴜ § Rᴇᴍᴇᴅɪᴀʟ
Cᴏ-Fᴏᴜɴᴅᴇʀ, ᵘᵖᵃᵃᵞᵉˑᵓᵒᵐ ©₂₀₁₉
Aug 23, 2020
अगर कुंडली का लगन भाव ख़ाली हो और खाना 2 में सिर्फ़ एक ही ग्रह हो तो उस ग्रह का प्रभाव लगन में भी होगा। आज़्माईश कीजिएगा और बताइयेगा ज़रूर।
✍️Er. Rohit Sharma
Aug 18, 2020
Un behno ke liye Jinke Patidev ki kundli me shukr 12 khraab hai:
खुद की आँखों को ढक लिया मैंने अब मुझे बुरा नहीं दिखता...
क्यूँ बोली लगाऊँ अपने जज़्बातों की कोहिनूर कभी बाज़ारों में नहीं बिकता.।
✍️Er. Rohit Sharma
Jul 24, 2020
कुछ ना कुछ ख़ता तो हमारी भी होगी,
जो बने बैठे हैं कुंडली में सभी ग्रह रोगी।
✍️Er. Rohit Sharma
Jul 20, 2020
दोबारा बता दूँ के ये रिसर्च सेंटर है. मैं कोई लूटने वाला ज्योतिषी नहीं हू so pls मुझे कुंडली देखने के मैसेज ना करे🙏🙏🙏
Jul 13, 2020
कभी नूमरॉलॉजी कभी ओरा कभी कभी लो शू ग्रिड कभी कुंडली का खना कोरा,
कहा चले गये साधु रूपी ज्योतिषी आज के ज्योतिषियों का मन काला रंग गोरा।
Jul 02, 2020
चिंता क्यूँ सताती है तुझे आने वाले काल की,
कर उपायों कुंडली के बिगड़े हुये ग्रहचाल की.
Written By:-
Er. Rohit Sharma
Jan 24, 2020
क्या बेस्ट है???
प्राशन कुंडली vs टर्रोट रीडिंग।
🤷🤷♀️🤦♂️🤷♂️🙆♀️💁🙋
Jan 23, 2020
क़िस्मत का मिले ना मिले कर्मो का ना कोई खोता है,
जेयादा टेवा ना दिखाया कर भिखारी की कुंडली में भी राज योग होता है।
✍️रोहित शर्मा 🇦🇺🇦🇺🇦🇺🙏
Jan 20, 2020
जिसका सितारा बुलंद होता है उसकी बल्ले बल्ले होती है चाहे ग्रह सारा टेवे में मंद होता है।
(जिसने कुंडली के तारे को जान लिया उसने ज्योतिष सारे को जान लिया)
✍️रोहित शर्मा 🇦🇺🇦🇺🇦🇺🙏
Jan 17, 2020
ना लूट किसी को उसकी परेशनी का फ़ायदा उठा कर,
ऊपर वाला इंसाफ़ नहीं करता कुंडली के योग बताकर।
✍️रोहित शर्मा 🇦🇺🇦🇺🇦🇺🙏
Jan 08, 2020
कुंडली के ग्रह तेरी क़िस्मत के diamond हैं ख़ास,
उन्हें अपने कर्मो की मेहनत से तराश।
✍️रोहित शर्मा 🇦🇺🇦🇺🇦🇺🙏
Jan 08, 2020
बहुत से लोग रिक्वेस्ट कर रहे है कुंडली की। मैं हाथ जोड़ के आप सभी से निवेदन करता हूँ के मैं कुंडली नहीं देखता। आप हमारे youtube चैनल पे जाए। वहाँ काफ़ी मित्र ज्योतिषी है जिनके video हैं। आप उन्हें सुन के और चुन के consulation ले सकते है। धनयवाद।
🙏🙏
Jan 01, 2020
नमक और चीनी का रंग एक सा होता है पर तासीर बदल जाती है,
ज़रा से योग द्रिश्टी स्वभाव से ग्रहो के फलादेश की तस्वीर बदल जाति है।
✍️रोहित शर्मा🇦🇺🇦🇺🇦🇺🙏
Dec 30, 2019
किताबें पड़ के एक ही ग्रह से फलादेश का अनुमान ना लगाए, कम्प्यूटर कुंडली नहीं किसी ज्योतिषी को पर्सनली कुंडली दिखायें, क्यूँकि ज़रा सा नमक ज़ायक़ा बना याँ बिगाड़ देता है, कई बार नीच का पड़ा ग्रह भी पतंग आसमाँ को चाड़ देता है।
✍️रोहित शर्मा🇦🇺🇦🇺🇦🇺🙏
Dec 30, 2019
कुंडली देखने के लिए सिर्फ़ एक ही ग्रह पे फ़ोकस ना करे, एक ही आइटम से सब्ज़ी तेयार नहीं होती,
ज़रा सा नमक कम याँ जेयदा ज़ायक़ा बदल देता है, कुंडली में कई बार नीच का ग्रह बैठा भी ऊँच का फल देता है।
✍️रोहित शर्मा 🙏
Dec 28, 2019
God help those who help themselves. प्लीज़ मेरे से हेल्प ना माँगें मैं लूटने वाला ज्योतिषी नहीं हूँ। जो बात मैं लिखता हूँ ग़र आपकी kundli में वो योग है तो उपाये यही है के उसको अवॉड करे।
🖋रोहित शर्मा 🙏
Dec 28, 2019
दो और तीन चार नहीं होता,
जिसका लग्नेश क़ायम हो जल्दी बीमार नहीं होता।
🖋रोहित शर्मा
Dec 28, 2019
ज्योतिष में उसने रूची दिखाई होगी,
जिसकी कुंडली में सूरज ने खाना तीन में जगह बनाई होगी।
🖋रोहित शर्मा